हम आजु नहइबै ना
- Chirag Jain
- Dec, 09, 2021
- e-patrika, Ramai Kaka
- Comments Off on हम आजु नहइबै ना
अब तड़के का कसि कै नहाबु
हयँ भूलि गयीं भगतिनि चाची
लोटिया भर पानी डारयँ तौ
घर मा घूमयँ नाची-नाची
ई जाड़े मा हारी मनानेनि
पानी ते पंडित सिव किसोर
तन पर थ्वारै पानी चुपरयँ
मुलु मंत्र पढ़त हयँ जोर-जोर
बप्पा हम आजु नहइबै ना
लरिकउना मांगत माफी हय
दुइ कलसा पानी का करिबै
अब तो चुल्लू भर काफी हय
बहुरिया सास का भय कइकै
बसि सी-सी-सी सिसियाय दिहिस
आड़े मा धीती बदलि लिहिस
पानी धरती पै नाय दिहिस
-रमई काका
This post is visited : 1,146
Archives:
- ►2024 (3)
- ►2023 (47)
- ►2022 (510)
- ►2021 (297)
- ►2020 (14)
- ►2019 (254)
- ►2018 (8)
- ►2017 (138)
- ►2016 (14)
- ►2015 (1)
- ►2014 (5)
- ►2012 (1)
- ►2000 (8)
- ►1999 (1)
- ►1997 (1)
- ►1995 (1)
- ►1993 (1)
- ►1992 (2)
- ►1991 (2)
- ►1990 (2)
- ►1989 (2)
- ►1987 (1)
- ►1985 (2)
- ►1984 (3)
- ►1983 (2)
- ►1982 (3)
- ►1981 (4)
- ►1980 (1)
- ►1979 (2)
- ►1978 (2)
- ►1977 (3)
- ►1976 (5)
- ►1975 (3)
- ►1974 (2)
- ►1973 (1)
- ►1972 (3)
- ►1971 (5)
- ►1969 (1)
- ►1968 (4)
- ►1967 (2)
- ►1966 (3)
- ►1965 (2)
- ►1964 (5)
- ►1963 (2)
- ►1962 (3)
- ►1961 (1)
- ►1960 (1)
- ►1959 (4)
- ►1958 (1)
- ►1955 (1)
- ►1954 (2)
- ►1953 (1)
- ►1951 (2)
- ►1950 (4)
- ►1949 (1)
- ►1947 (1)
- ►1945 (2)
- ►1942 (2)
- ►1940 (1)
- ►1939 (1)
- ►1934 (1)
- ►1932 (1)
- ►207 (1)
