Dinesh Raghuvanshi

Dinesh Raghuvanshi

जन्म: 26 अगस्त 1964; Bulandshahr (Uttar Pradesh)

शिक्षा: स्नातकोत्तर

प्रकाशन:

  1. आसमान बाकी है (काव्य-संग्रह)
  2. दो पल (काव्य-संग्रह)
  3. आख़िर क्या बोले कोई (काव्य-संग्रह)
  4. दिलों की बात कर लें हम (काव्य-संग्रह)
  5. पहला दस्तावेज (काव्य-संग्रह)
  6. दूसरा दस्तावेज (काव्य-संग्रह)
  7. तीसरा दस्तावेज (काव्य-संग्रह)
  8. अनकहा इससे अधिक है (गीत संग्रह)

वर्तमान निवास: Faridabad (Haryana) India

दिनेश रघुवंशी वर्तमान वाचिक परंपरा में सर्वाधिक सक्रिय हस्ताक्षरों में गणित किए जाते हैं। संबंधों की पीड़ा और अनुभूति की बेहद संस्पर्शी संवेदना के गीत और मुक्तक दिनेश जी की काव्य-प्रतिभा के विशिष्ट अंग हैं।

मेरठ विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद आप Modi Rubber Limited में सीनीयर एक्ज़ीक्यूटिव के पद पर नियुक्त हुए। अनेक साहित्यिक सम्मान और पुरस्कारों से अलंकृत यह रचनाकार इस समय पूर्णतया काव्य-साधना में संलग्न है। अनेक देशों में अपनी कविता लेकर Hindi और हिन्दोस्तां की गूंज गुंजाने वाले दिनेश रघुवंशी के गीतों में मानवीय संबंधों की एक ऐसी संवेदना है, जिसको सुनकर उससे प्रभावित हुए बिना रह पाना लगभग नामुमक़िन हो जाता है।

‘आम’ से दिखने वाले पारिवारिक क़िरदारों पर दिनेश जी के ‘ख़ास’ गीत व मुक्तक स्वयं में अनोखे हैं। Kavi Sammelan के मंचों का जीवंत संचालन करने में दक्ष दिनेश जी, अपनी पीढ़ी के सर्वाधिक लोकप्रिय रचनाकारों में से एक हैं।

आपके विषय में वरिष्ठ कवि Mangal Naseem का मानना है- ”दिनेश रघुवंशी आज की Hindi Ghazal की दुनिया में सर्वाधिक चर्चित युवा ग़ज़लकारों में गिने जाते हैं। ग़ज़ल विधा में गहरी पैठ, अद्भुत शे’री समझ, सटीक शब्द चयन, विषय की पूरी जानकारी, ग़ज़ब का आत्मविश्वास और ख़ूबसूरत कलात्मक प्रस्तुति के बल पर यह युवा शाइर Hindi ग़ज़ल का स्वर्णिम पल माना जा सकता है।”

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