क्या दिखा गया गत वर्ष

क्या दिखा गया गत वर्ष

क्या क्या दिखा गया गत वर्ष
कितना रुला गया गत वर्ष
क्या बीमारी नहीं पता पर
कोरोना था नाम उसका
जिसने कहर मचा रक्खा था
धधक रहा तिनका तिनका
क्या कुछ जला गया गत वर्ष
कितना रुला गया गत वर्ष

रिश्ते नाते संबंधों का  
कोई मतलब नहीं रहा
परंपरा सबके धर्मों का
बनकर गंदा नीर बहा
जल थल नभ के प्राण वायु को
कितना घटा गया गत वर्ष
कितना रुला गया गत वर्ष
क्या कुछ दिखा गया गत वर्ष

अहंकार ने हद ही कर दी
निर्मम आग विश्व में बरसी
उड़ी धज्जियां मानव तन की
विधि विधान को मोड़ तोड़ कर
अभिलाषा की बंजर धरती
सब कुछ तोड़ गया गत वर्ष
कितना रुला गया गत वर्ष
क्या कुछ दिखा गया गत वर्ष

कोरे आश्वासन थे सारे
बैठे रहे समय के मारे
दीन हीन मानवता परवस
किससे रोए किसे पुकारे
सबको बता गया गत वर्ष
क्या क्या दिखा गया गत वर्ष
सब कुछ सिखा गया गत वर्ष
कितना रुला गया गत वर्ष

माधवी मिश्रा

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