करनी-कथनी

करनी-कथनी

करनी-कथनी में जबकि दूरी है
गीत की व्यंजना अधूरी है
गीत हो, आत्मा की भाषा हो
वरना लिखना ही क्या ज़रूरी है

-शिशुपाल सिंह निर्धन

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