Praveen Shukla

Praveen Shukla

जन्म: 12 नवम्बर 1971 (Pilakhua)

शिक्षा: Ph.D.; स्नातकोत्तर (अर्थशास्त्र); बी.एड.

पुरस्कार एवं सम्मान:

  1. Hindi गौरव सम्मान (1998)
  2. अट्टहास युवा रचनाकार सम्मान (2004)
  3. Omprakash Aditya सम्मान (2006)
  4. kaka Hathrasi पुरस्कार (2010)

प्रकाशन:

  1. स्वर अहसासों के (काव्य संकलन)
  2. कहाँ ये कहाँ वो (काव्य संकलन)
  3. हँसते-हँसाते रहो (काव्य संकलन)
  4. तुम्हारी आँख के आँसू (काव्य संकलन)
  5. गांधी और गांधीगिरी
  6. सफ़र बादलों का (यात्रा वृत्तांत)
  7. हर हाल में ख़ुश हैं (अल्हड़ बीकानेरी की रचनाओं का संकलन)
  8. इक प्यार का नग़मा है (संतोष आनंद की रचनाओं का संकलन)
  9. मुहब्बत है क्या चीज़! (संतोष आनंद की रचनाओं का संकलन)
  10. आइना अच्छा लगा (ग़ज़ल संग्रह)
  11. नेताजी का चुनावी दौरा (व्यंग्य लेख संकलन)
  12. क्या करेगी हवा (काव्य संकलन)

निवास: New Delhi

प्रवीण शुक्ल दिल्ली के एक विद्यालय में अर्थशास्त्र के व्याख्याता के रूप में सेवारत हैं। आपके पिता श्री Braj Shukla Ghayal भी अपने काव्यकर्म के लिए जाने जाते हैं। आप वर्तमान समय में Hindi की वाचिक परंपरा के कवियों में अग्रिम पंक्ति में खड़े दिखाई देते हैं। हास्य, व्यंग्य, गीत, ग़ज़ल और अन्य तमाम विधाएँ आपके सृजन के दायरे में आती हैं। तमाम जनसंचार माध्यमों से आपकी रचनाएँ, शोधपत्र तथा साक्षात्कार प्रसारित-प्रकाशित हो चुके हैं। आपने Thailand, Oman, UAE, Bhutan, United Kingdom जैसे देशों में अपनी काव्य-पताका फहराई है। आपकी काव्य प्रतिभा के आधार पर आपके विषय में पद्मश्री Gopaldas Neeraj ने ‘तुम्हारी आँख के आँसू’ की भूमिका में लिखा है कि- “प्रवीण शुक्ल ने अपनी काव्य-प्रतिभा का जो स्वरूप प्रस्तुत किया है, उसे देखने के बाद मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूँ कि उनके पास नया सोच, नया कथ्य, नया बिम्ब सभी कुछ अनूठा है। यह युवा कवि आगे चलकर साहित्य-जगत् को कोई ऐसी कृति अवश्य देगा जिससे वह स्वयं तो बड़ा कवि माना ही जायेगा, साथ ही उसकी इस कृति से साहित्य-जगत् भी गौरवान्वित होगा।” 

Dr. Praveen Shukla is a hardworking volunteer of hindi kavi sammelan. During the show he never hesitate to initiate for the betterment of event. His performance is genuinely multi dimensional. He is expert of chit-chat, ghazals, geet, veer ras and hasya kavita simultaneously. His dedication about kavi sammelan makes him unique.

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