कच्चे धागे में बन्ध आएंगे

कच्चे धागे में बन्ध आएंगे

आप ग़र मुस्कुराते रहें, गीत हम गुनगुनाते रहें
आपका साथ ग़र मिल सके, ग़म जहाँ के भुलाते रहें
हम मुसाफ़िर हैं उस राह के, जिसकी मंज़िल फ़क़त प्यार है
कच्चे धागे में बन्ध आएंगे, प्यार से ग़र बुलाते रहें

- एकता शबनम

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