एक तुम्हारा होना…

एक तुम्हारा होना…

एक तुम्हारा होना
क्या से क्या कर देता है
बेजुबान छत‚ दीवारों को
घर कर देता है

खाली शब्दों में
आता है
ऐसा अर्थ पिरोना
गीत वन गया-सा
लगता है
घर का कोना-कोना
एक तुम्हारा होना
सपनों को स्वर देता है

आरोहों अवरोहों से
समझाने
लगती हैं
तुमसे जुड़कर
चीजें भी
बतियाने लगती हैं
एक तुम्हारा होना
अपनापन भर देता है

एक तुम्हारा होना
क्या से क्या कर देता है

✍️ माहेश्वर तिवारी

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